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अयोध्या मथुरा माया, काशी कांची अवंतिका !

पूरी द्वारिकवती चैव सप्तपुरी मोक्ष दायिका !!

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अवंतिका नगरी सिंहस्त कुंभ क्षेत्र (उज्जैन) स्वयं बाबा महाकाल की नगरी मानी गयी है। उज्जैन, भारतवर्ष के मध्यप्रदेश राज्य में शिप्रा नदी के तट पर बसा है। सनातन धर्म के अनुसार उज्जैन में राम घाट - तर्पण, पितृ श्राद्ध, क्रिया कर्म, पितृ शांति, पिंड दान व तर्पण द्वारा मोक्ष प्राप्ति का श्रेष्ठ स्थान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार श्री राम चंद्र ने अपने पिता दशरथ का श्राद्ध भी यहीं किया गया था।

संक्षिप्त परिचय

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भारत की सात मोक्षपुरियों में एक अवंतिका तीर्थ भी है।  तीर्थ पुरोहितों से ही कोई भी तीर्थ वास्तव में तीर्थ कहलाने का अधिकारी है।  वरना सुना स्थान अपनी तीर्थ सार्थक नहीं करता।  तीर्थ पुरोहितों से तीर्थ संजीव हलचल भरा हो जाता है उसमें रौनक आ जाती है। 
उज्जैन (अवंतिका नगरी) तीर्थ पुरोहितों से परिपूर्ण अनजाने काल से अपनी तीर्थता सार्थक कर रहा है। 
हाथी  वाला तीर्थ पुरोहित परिवार उज्जैन का प्रसिद्द प्रतिक है। यहाँ हाथीवाला इसलिए कहलाता है कि खिलचीपुर के राजा ने इस परिवार को कभी एक हाथी दान में दिया था तब से इस परिवार को सब लोग हाथीवाला पंडा कहने लगे।  अतः इस परिवार को पहचान ही हाथीवाला पंडा के रूप में प्रचलित और प्रसिद्धि हो गयी। 
हाथी वाला परिवार गुर्जर गौड़ ब्राह्मण है और चौबे उपनाम या सरनेम है। इस परिवार के पंडित अखिलेश चौबे प्रमुख संचालक है। पंडित अखिलेश एक अनुभवी एवं सर्वमान्य तीर्थ पुरोहित हैं। अखिलेश के पिता का नाम पंडित श्री ध्रुव नारायण चौबे है और ध्रुव नारायण जी के पिताजी का नाम पंडित श्री कैलाश नारायण चौबे है। और कैलाश नारायण जी के पिताजी का नाम पंडित श्री मोहन लाल जी चौबे है। यह परिवार उज्जैन (अवंतिका)  तीर्थ में विभिन्न प्रकार की गतिविधि चला रहा है जैसे पिंड दान (अस्थि पूजन, दशा कर्म), कालसर्प दोष, पितृ दोष, नागवली - नरायणवली, महामृत्युंजय जाप, रुद्राभिषेक, मंगलदोष निवारण पूजन, भात पूजन, अर्क विवाह, कुम्भ विवाह एवं सभी प्रकार के हवन एवं सभी ग्रहों के जाप आदि कार्य वैदिक विधि से संपन्न करवाते हैं।


पंडित अखिलेश चौबे के सुपुत्र पंडित श्रवण चौबे भी अब तीर्थपुरोहितों की समस्त प्रक्रिया पूर्ण करवाने में सक्रिय है। 

हमारी विशेषतायें।

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5 पीढ़ियों तथा 200 वर्षों का अनुभव।

पंडित श्री मोहन लाल जी चौबे - पंडित श्री कैलाश नारायण जी चौबे - पंडित श्री कैलाश नारायण चौबे - पंडित श्री ध्रुव नारायण जी चौबे - पंडित श्री अखिलेश (पांच पीढ़ियों पीढ़ी दर पीढ़ी लोक विश्वास एवं अनुवांशिक रूप से ज्ञान एवं अनुभव। )

मुख्य रामघाट पर कर्मकांड स्थल।

उज्जैन में राम घाट स्थल जो की शिप्रा नदी के तट पर है, इस स्थल को शास्त्रों में विशेष प्रभावी स्थल के रूप में कहा गया है।  यहाँ पर किये गए अनुष्ठान का विशेष प्रभाव देखने को मिलता है।

विषय विशेषज्ञ कर्मकाण्डी ब्राह्मणों की टीम

51 वैदिक शिक्षा प्राप्त अनुभवी विद्वान सदस्य।  लगभग सभी अपने अपने विषय (अनुष्ठान) में  विशेषज्ञ।

आपके लिए हो रहे पूजा पाठ कार्यक्रम को लाइव देखने की सुविधा।

हमारे यहाँ आपके द्वारा करवाए गए अनुष्ठान को लाइव टेलीकास्ट करने की सुविधा है।  यदि आप उज्जैन नहीं आ सकते हैं तो हम आपके लिए किये जा रहे अनुष्ठान का लाइव प्रसारण कर सकते हैं।  आप ऑनलाइन अनुष्ठान कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

हमारे विषय में यजमानों की राय।

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